B.Ed बनाम बीटीसी: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला अब b.ed वाले क्या कटोरा लेकर घूमे?

आज यानी शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आता है और फैसला पूरा बीटीसी की तरफ जाता है वहीं दूसरी तरफ सरकार नई शिक्षा नीति NEP 2020 लागू कर यह बयान देती है कि अब से डिप्लोमा का महत्व खत्म हो जाएगा और डिग्री Valid रहेगी 

लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला बीटीसी की तरफ गया कि डिप्लोमा को ही वह बता देंगे और होने वाली प्राथमिक भर्ती में केवल और केवल बीटीसी वाले ही आवेदन कर पाएंगे b.ed वाले  तेल लेने 

 यह फैसला एक तो 2018 से अटका हुआ है 3 साल में ना जाने कितने हजारों लाखों स्टूडेंट में B.Ed करके अपना एक तो समय बर्बाद किया और दूसरा पैसा बर्बाद किया और इन हरामियों की हरकतों की वजह से ना जाने आज किन-किन लोगों का सपना टूट रहा है

 अगर इनको फैसला करना ही था तो 2018 में ही क्लियर कर देते 3 साल रोकने के लिए और 5 साल में जो समय बर्बाद हुआ बच्चों ने जो TET & CTET की परीक्षाएं पास के उसके लिए उन्होंने पढ़ाई की उसमें समय बर्बाद किया मेरे तरीके से पढ़ाई करना समय बर्बाद करना ही है क्योंकि पता नहीं सरकार कब फैसले बदल दे और कब आप उस चीज के लिए ले Eligible ना रहे हैं

इससे पहले उत्तर प्रदेश में 1 प्राथमिक भर्ती हो चुकी है जिसमें B.ed और बीटीसी दोनों शामिल किए गए थे लेकिन अब एक नया फैसला इन्होंने अड़ा दिया है जिसके अनुसार अब केवल बीटीसी वालों को ही बता दी जाएगी यानी प्राथमिक भर्ती में केवल और केवल बीटीसी वाले ही फार्म डाल सकते हैं b.ed वाले अब कुछ नहीं कर सकते

 लेकिन अब यह सवाल आता है कि b.ed वाले करेंगे क्या आखिर बहुत से b.ed वाले ऐसे होंगे कि जिन्होंने सिर्फ और सिर्फ प्राथमिक भर्ती के लिए ही B.Ed की डिग्री ली होगी लेकिन सरकार का यह किस तरह का न्याय है एक तरफ नई शिक्षा नीति में यह बताते हैं कि डिग्री की Value ज्यादा होगी और दूसरी तरफ ऐसे फैसले आते हैं कि डिप्लोमा को ही Validity देंगे अगर आप सभी को यही करना था तो आप कुछ समय पहले ही आप बता देते कम से कम लोगों का 3 साल का समय तो बर्बाद ना होता और ना ही पैसा बर्बाद होता 

मेरे जैसे ना जाने कितने लाखों स्टूडेंट ने अपना समय बर्बाद किया पढ़ाई की TET निकाला सीटेट निकाला और नतीजा आज आप सबके सामने है हमारा आप सभी लोगों से यही गुजारिश है कि ज्यादा से ज्यादा सरकार से इस चीज के लिए मांग करो कि यह किस तरीके का न्याय है एक तरफ आप नई शिक्षा नीति जैसी पॉलिसी लाते हो और दूसरी तरफ कोर्ट में ऐसे फैसले दे देते हैं 

एक तो इंसान को बार-बार बेवकूफ बनाया जा रहा है और कुछ भी बयानबाजी चल रही है  थोड़ा समय निकालकर  हम बच्चों की तरफ भी देख लो हम लोग भी इस देश के ही नागरिक हैं इस देश में ही रहते हैं

 एक तो मुझे एक चीज यह समझ में नहीं आती कि पांच-छह सालों से भर्ती नहीं आई है इसका क्या कारण है क्या अभी तक कोई रिटायर नहीं हुआ क्या अभी तक किसी के साथ कोई हादसा नहीं हुआ मुझे आज तक यह समझ में नहीं आता है कि सरकार आखिर में करना क्या चाहती है और सरकार के उद्देश क्या है आप एक  संगठन गठित करके एक बार में 50000 पद ना निकालकर हर साल 10 15 हजार पद निकाले जिसे जो भी बच्चा पढ़ने लायक है उसको कुछ तो हासिल हो 

 कुछ मेरे दोस्त ऐसे हैं जिनकी घर की कंडीशन ठीक नहीं है उनके पापा नहीं हैं उन्होंने B.Ed इसी चक्कर में की थी कि अब भर्ती आ जाएगी और जिसमें हम इलेजिबल हो जाएंगे 

लेकिन आज का आपका यह फैसला सुनने के बाद उन लोगों पर क्या गुजर रही होगी वह आप लोग नहीं सोच सकते क्योंकि आप लोगों का काम है बस बयान बाजी देना आप लोग यह नहीं सोचते हैं कि एक स्टूडेंट पर क्या बीती है वह कैसे करके भी BED करता है कैसे करके एग्जाम क्वालीफाई करता है और आप लोग तुरंत आकर अपना बयान बदल के चीजें सारी बदल देते हैं 

 अगर आपको यही फैसला लेना था तो 3 साल पहले ही करते थे कम से कम लोगों का 3 साल का समय तो बर्बाद ना होता 

अंत में आप सभी लोगों से गुजारिश है कि ज्यादा ज्यादा सरकार से गुजारिश करो कि भैया फैसला चेंज करो हम लोग भी इसके लिए इलेजिबल है क्योंकि हमारे पास डिग्री है अब तो डिग्री डिप्लोमा क्या है जब आपने ऑलरेडी TET,  उसके बाद सुपर टेट जैसी परीक्षाएं लागू करके रखी है जो भी क्वालीफाई होगा उसको आप ले लीजिए और यह फैसला सभी स्टूडेंट के हित में होना चाहिए ना कि एक पक्ष में 

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